मेरे प्यारे विद्युत उपभोक्ताओं , दादरा नगर हवेली तथा दमन दीव विद्युत विभाग के निजीकरण को रोकने हेतु मुम्बई हाई कोर्ट में लगी एक जनहित याचिका ( PIL)पर आज सुनवाई होगी । आप सभी लोगों से विनम्र निवेदन है कि भगवान से प्रार्थना करें कि इस मे हम सब को न्याय मिले और विद्युत विभाग बिकने से रुक जाये । 🙏💐 धार्मिक ग्रंथों व आध्यात्मिक किवदंतियों के अनुसार ईश्वर की मर्जी के वगैर एक पत्ता भी नही हिलता है और कण कण में उसी ईश्वर का अंश विद्यमान है लिहाजा हो सकता है परमात्मा की यही इच्छा हो कि सब कुछ निजीकरण हो जाये।जब रेल,एयरपोर्ट, सरकारी कम्पनियां निजीकरण का टीका लगवाकर तरक्की व मुनाफे का मुजरा पेश कर सकती हैं तो आखिर दमण दीव विद्युत विभाग का निजीकरण होना, घाटे का सौदा कैसे हो जाएगा?जब सम्पूर्ण दमण दीव की जनता,राजनेता(उमेश पटेल को छोड़कर)उद्योगपति अंधे,गूंगे,बहरे बने हैं तो आखिर बिजली विभाग को सरकारी हिस्सा बनकर रहने से फायदा किसका है, समझा जा सकता है।पूरी कवायद के पीछे निश्चित तौर पर विद्युत विभाग के कुछ भीष्मपितामह लोग हैं अन्यथा इतनी हायतौबा नही होती।वैसे भी दमण दीव,दानह में जो कुछ हो रहा है वह सब प्रभु की लीला है, प्रशासक प्रफुल्ल पटेल अपनी इच्छा से कुछ भी नही कर रहे हैं, वो तो ईश्वर के बनाये रोबोट यंत्र हैं, ईश्वर जितनी प्रोग्रामिंग उनके जेहन में फिट करता है उतना वे करके दिखा देते हैं।इसलिए श्रीकृष्ण द्वारा गीता में उपदेशित “”जो होगा वो अच्छा ही होगा,जो हो रहा है वो भी अच्छा ही हो रहा है और जो हुआ वो भी अच्छा ही हुआ””के अनुशरण को आत्मसात करना ही महानता है।