केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को बढ़ावा देने और सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के. …

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लिए राज्यों/संघ
प्रदेशों के साथ समन्वय से काम कर रहा है
“सहकार से समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करने के लिए
सहकारिता मंत्रालय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और वृहत क्षेत्र
बहुउद्देश्यीय समितियों (LAMPS) के लिए केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को
बढ़ावा देने और सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए राज्यों/संघ
प्रदेशों के साथ समन्वय से काम कर रहा है। देश में सहकारी समितियों के
प्रदर्शन, उत्पादकता और लाभप्रदता को बढ़ाने के लिए सहकारिता मंत्रालय
द्वारा विभिन्न पहल की गई हैं। यह पहल संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में
भी शुरू की गई है: –

  1. पैक्स के लिए मॉडल उप-नियम जो उन्हें बहुउद्देशीय, बहुआयामी और
    पारदर्शी संस्थाएं बनाते हैं:- पैक्स को 25 से अधिक व्यावसायिक गतिविधियाँ
    में सक्षम बनाने के लिए उनके संबंधित राज्य सहकारी अधिनियम के अनुसार
    मॉडल उप-नियम अपनाने हेतु सभी राज्यों/संघ प्रदेशों को तैयार और
    परिचालित किया गया। मॉडल उप-नियमों को 27 राज्यों/संघ प्रदेशों द्वारा
    अपनाया गया है।
  2. कंप्यूटरीकरण के द्वारा पैक्स को मजबूत बनाना :- 2516 करोड़ रुपये की
    लागत से ईआरपी आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर 63,000 पैक्स को शामिल
    करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
  3. कवर नहीं की गई पंचायतों में नई बहुउद्देशीय पैक्स / डेयरी/फिशरी
    सहकारी समितियां:- अगले 5 वर्षों में प्रत्येक पंचायत/गांव को कवर करते
    हुए 2 लाख नए बहुउद्देश्यीय पैक्स या प्राथमिक डेयरी / मत्सम पालन सहकारी
    समिति स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई है।
  4. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी
    विकेन्द्रीकृत अनाज भंडारण योजना :- पैक्स (PACS) स्तर पर अनाज
    भंडारण के लिए गोदाम और अन्य कृषि-इंफ्रा बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट
    क्रियान्वित किया जा रहा है।
  5. ई-सेवाओं तक बेहतर पहुंच के लिए सामान्य सेवा केंद्र के रूप में पैक्स :-
    पैक्सों को उनकी सेवाओं की व्यवहार्यता एवं उसकी विस्तार हेतु 17000
    पैक्सों को ई-सेवाएं प्रदान करने और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार पैदा करने के
    लिए सामान्य सेवा केंद्र (CSC) के रूप में शामिल किया गया है।
  6. पैक्सों द्वारा नये कृषक उत्पादक संगठन (FPO) का गठन :- उन ब्लॉकों
    में जहां अभी तक एफपीओ (FPO) का गठन नहीं हुआ है या ब्लॉक किसी भी
    कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा कवर नहीं किए गए हैं, में पैक्स द्वारा 1100
    अतिरिक्त एफपीओ का गठन किया जाएगा।
  7. खुदरा पेट्रोल / डीजल दुकानों के लिए पैक्सों को प्राथमिकता दी गई:-
    खुदरा पेट्रोल/डीजल दुकानों के आवंटन के लिए पैक्स को संयुक्त श्रेणी 2
    (CC2) में शामिल किया गया है। थोक पेट्रोल पंप लाइसेंस वाली मौजूदा
    पैक्सों को खुदरा दुकानों में बदलने की अनुमति भी प्रदान की गई है।
  8. पैक्स को उसकी गतिविधियों में विविधता लाने के लिए एलपीजी वितरक
    के लिए पात्र हैं :- पैक्सों को अब एलपीजी वितरक के लिए आवेदन करने की
    अनुमति दे दी गई है।
  9. ग्रामीण क्षेत्र में जेनेरिक दवाओं की पहुंच में सुधार के लिए जन औषधि
    केंद्र के रूप में पैक्स :- पैक्सों को प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों को
    संचालित करने की अनुमति दी गई है जो उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान
    करेगा।
  10. उर्वरक वितरण के लिए पैक्सों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र बनाया
    गया है :- देश में किसानों तक उर्वरक और संबंधित सेवाओं की आसान पहुंच
    सुनिश्चित करने के लिए पैक्सों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र संचालित
    करने की अनुमति दी गई है।
  11. ऊर्जा सुरक्षा के लिए पैक्स स्तर पर पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) का
    कन्र्जेस :- पैक्स से जुड़े किसान सौर कृषि जल पंप अपना सकते हैं और
    अपने खेतों में फोटोवोल्टिक मॉड्यूल स्थापित कर सकते हैं।
  12. ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना का पैक्स द्वारा प्रचालन एवं अनुरक्षण :-
    पैक्सों को ग्रामीण क्षेत्र में पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और
    रखरखाव की अनुमति दी गई है।
  13. घर के निकट ही वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक मित्र सहकारी
    समितियों को माइक्रो एटीएम :- सहकारी बैंकों द्वारा अब डेयरी, मत्स्स पालन
    जैसी सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम दिए जा रहे हैं
  14. दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड :-
    तुलनात्मक रूप से कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए सहकारी
    बैंकों के माध्यम से सहकारी समितियों के सदस्यों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड
    प्रदान किए जा रहे हैं ।
  15. मुझे जनता विशेषकर किसानों से घोषणा करते हुए अत्यंत खुशी हो
  16. रही है कि उन्हें पैक्स और लैंप्स की स्थापना में भाग लेने हेतु अनुरोध किया
  17. गया है। इस पहल का उद्देश्य स्थायी कृषि विकास और आर्थिक विकास को
  18. बढ़ावा देकर स्थानीय किसानों और समुदायों को सशक्त
  19. बनाना है। पैक्स एवं
  20. लैम्स (PACS &LAMPS) का गठन आम जनता और किसानों के लिए ऋण
  21. सुविधाओं को सुव्यवस्थित करेगा और 12 केंद्र प्रायोजित योजनाओं के
  22. प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करते हुए सहयोगात्मक प्रयासों के लिए एक
  23. मंच के रूप में काम करेगा। यह ऋण सुविधाओं तक पहुंच, पैक्स किसानों के
  24. लिए ऋण तक आसान पहुंच की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वे आधुनिक
  25. कृषि पद्धतियों में निवेश करने, गुणवत्ता वाले बीज खरीदने और उन्नत
  26. प्रौद्योगिकियों को अपनाने में सक्षम होंगे। हम आम जनता और दमण एवं दीव
  27. तथा दादरा एवं नगर हवेली के किसानों से इस परिवर्तनकारी पहल में सक्रिय
  28. रूप से भाग लेने का अनुरोध करते हैं। हम साथ मिलकर एक मजबूत
  29. सहायता प्रणाली बना सकते हैं, जो हमारे समुदायों की समग्र
  30. भलाई को बढ़ाएगी। योजनाओं के बारे में आवश्यक जानकारी संबंधित जिलों
  31. के सहाकारिता विभाग, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, दादरा एवं नगर
  32. हवेली तथा दमण एवं दीव कार्यालयों द्वारा प्रदान की जा सकती है।
  33. Sd/-
  34. सचिव, सहकारिता
  35. संघ प्रदेश दानह तथा
  36. दमण एवं दीव
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