केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले आज केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन के दौरे पर थे, जहां उन्हें एक चौंकाने वाली बात पता चली। मांग की. जिसके अनुसार केंद्र शासित प्रदेश दमन, दीव और दादरा एवं नागर हवेली को अलग राज्य का दर्जा दिया जाएगा और गुजरात मे सामील नही किया जाएगा ब्लकि एक अलग राज्य का दर्जा दिया जाएगा। मांग है कि वलसाड जिले को भी इस अलग राज्य में शामिल किया जाना चाहिए। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ भारत और रामदास अठावले ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की और इस क्षेत्र के लिए एक अलग राज्य का प्रस्ताव रखा। वे मांग करेंगे कि दर्जा दिया जाए.. इस मांग के संबंध में, निकट भविष्य में दमन दीव और दादरा नगर हवेली को केंद्र शासित प्रदेश से राज्य न बनाया जाएगा तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने भी घोषणा की है कि वह विरोध प्रदर्शन करेगी। यह मुद्दा इस समय चर्चा का केन्द्र है। ऐसा हुआ भी है.. और तो और ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों और राहुल गांधी ने भी यह मुद्दा उठाया। वे सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं.. और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार से सबूत मांग रहे हैं.. इस मुद्दे पर रामदास अठावले ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया था.. और जिस तरह से भाजपा के अमित मालवीय ने ट्वीट किया था और राहुल गांधी को मीर जाफर और पाकिस्तान की भाषा बोलने वाला बताया.. रामदास अठावले ने भी इस मुद्दे पर बात की. यही प्रतिक्रिया थी। और सबूत मांगने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की…और पाकिस्तान के लिए राहुल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गांधीजी को भी पुरस्कार दिया जाना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि निकट भविष्य में केंद्र शासित प्रदेश दमन, दादरा नगर हवेली और दीव में भी जिला पंचायत और नगरपालिका चुनाव आने वाले हैं..ये चुनाव रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने भी इसकी घोषणा कर दी है.. और इस बार चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा से होगा। अलग टिकट की मांग करेंगे और अगर अलग सीट नहीं दी गई तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया उन्होंने यह भी कहा था कि वे अकेले ही पंचायत और नगर निगम का चुनाव भी लड़ेंगे। इस प्रकार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने केंद्र शासित प्रदेश दमन, दीव और दादरा एवं नागर हवेली को अलग राज्य का दर्जा पर जोर दिया और इसमें गुजरात के वलसाड को भी शामिल किया। वलसाड जिले को इसमें शामिल करने की मांग के साथ यह मुद्दा अब चर्चा का केंद्र बन रहा है।