Explore

Search

August 30, 2025 10:50 am

लेटेस्ट न्यूज़

કેતન પટેલ પ્રમુખ ए ભારતીય રાષ્ટ્રીય કોંગ્રેસપ્રદેશ કોંગ્રેસ સમિતિ, દમણ અને દીવ દ્વારા ૨૫/૦૮/૨૦૨૫ ના રોજ પ્રફુલભાઈ પટેલને પત્ર લખ્યો છે દમણ જિલ્લાને મહાનગર પાલિકામાં અપગ્રેડ કરવાનો પ્રસ્તાવ

Advertisements

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 40 !!-गहरो प्रेम समुद्र कोभाग 1 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 40 !!-गहरो प्रेम समुद्र कोभाग 1 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 40 !!

गहरो प्रेम समुद्र को
भाग 1

ब्रह्म और जीव का सरस विहार ही नित्य है …..बाकी सब अनित्य है ।

यह मधुर मिलन ही सत्य है …….बाकी सब मिथ्या है ।

पर सत्य बात ये है वज्रनाभ ! कि इस विहार की अधिकारिणी तो एक मात्र बृज गोपिकाएँ ही हैं……उनका प्रेम ! उनकी अनन्यता ……मेरा गहरा मतभेद है उन रसिकों से …….जो बृज बालाओं के प्रेम का बखान करते फिरते हैं …….नही …….कोई बखान नही कर सकता, कोई भी ठीक ठीक चित्र नहीं खींच सकेगा इन मधुर रति की साधिकाओं के ।

किसकी वाणी में ताकत है ! इन गोपियों की अनन्यता !

हाँ कोई रसिक अगर ये कहे कि …..गोपियों के बारे में कुछ बोलकर मैं अपनी वाणी को धन्य कर रहा हूँ ……..तो मुझे स्वीकार्य है ।

क्यों की हे वज्रनाभ ! मैं भी यही कर रहा हूँ ……….मैं भी कहाँ गा सकूँगा इन बृज नारियों के प्रेम की महिमा को ।

फिर हँसते हैं महर्षि शाण्डिल्य ……….अब तुम ही विचार करो ……..कि जब कोई गोपी प्रेम को नही गा सकता ……तो फिर श्रीराधा प्रेम ?

पर मैं भी अपनी वाणी को ही धन्य कर रहा हूँ ।


वह हजारों रमणी प्रेमोन्मत्त हो …….वृन्दावन में रात्रि की वेला में “हा कृष्ण कृष्ण कृष्ण” …….कहती हुयी ……..अब “मैं ही कृष्ण हूँ” ……उस स्थिति में पहुँच चुकी थीं ।

एक परदा ही तो है …….जो हमारे और हमारे प्रियतम के बिच में है …..वह परदा अहंकार है……बस इसी परदे को हटाना है ।

पगली ! तूनें क्या कर दिया आज ! अनमोल हीरा हाथ लगा था युगों के बाद …..पर तेनें उसकी कीमत न जानी ? वो हीरा था हीरा ……तू उसे काँच समझ बैठी …………..मिल तो गया था तुझे तेरा प्यारा ……..पर तू परदा डाल के पड़ी रही …………वो तुझे देखना चाहता था ….पर तेनें घूँघट ही न हटाया …………बिना “घूँघट खोले” तुझे कैसे मिलेगें तेरे पिया ! बोल ! सखी बोल !

कानों में ये शब्द जा रहे हैं ……..गोपियाँ फिर रोनें लगीं ……”कृष्ण विरह” नें फिर पकड़ लिया था गोपियों को ।

हाँ …हाँ …हाँ……..मुझ से अपराध हो गया………मुझे पता है ……मुझे पता है …….मेरा “प्रिय” मुझ से कितना प्रेम करता है ……पर मैं ही अभागन थी…….वो तो लुटा रहा था अपनी प्रीत का खजाना ………पर मैं ही ! फिर उन गोपियों के रुदन से वृन्दावन क्रन्दित हो उठा था ।

हे वृन्दावन ! हे यमुना ! हे बृज रज ! तुम मुझे ठीक चेतावनी दे रहे हो ……..पर सच कहती हैं अब हम, ऐसी गलती नही करेंगी ………..

वे आयेंगें ……….तो हम उन्हें कभी दुःखी नही करेंगी ……..न अहंकार करेंगी ………….उनको जो अच्छा लगे वे करें !

पर आजाओ ! हे नाथ ! हे बल्लभ ! हे रमण ! आओ !

ये कहते हुये ……..वृन्दावन की भूमि में अपनें सिर को पटका ललिता सखी नें ………पर …………….ये क्या ! जिस भूमि में सिर को पटका था उस भूमि में तो !

सखियों ! सखियों ! इधर आओ !

ललिता सखी चिल्लाई जोर से …………..

सारी सखियाँ उधर ही दौड़ पडीं ।

ये देखो ! इन चरण चिन्हों को देखो……ललिता आनन्दित हो उठी थी ।

पहचानें ? अरे ! इन चरणों को पहचाननें में भी इतना समय ।

ये देखो ! चक्र के चिन्ह …..शंख के ….गदा …और कमल के ……जौ के चिन्ह ……छत्र के ….धनुष के चिन्ह …….त्रिकोण ……..अर्ध चन्द्र …….

हाँ………..ये तो हमारे “नाथ” के चरण चिन्ह हैं ………सारी सखियाँ बैठ गयीं ……और बड़े ध्यान से उन चिन्हों को देखनें लगीं ।

चन्द्रावली उन रज को …..जिन रज में ये चिन्ह बने हुए थे ……उनको लेकर जैसे ही अपनें तन में लगानें लगी ……….

नही ……चन्द्रावली ! नही…..इन चिन्हों को बिगाड़ो मत…..यही चिन्ह हमें मार्ग बतायेगें कि हमारे प्रियतम किस दिशा से होकर गए हैं ।

चलो ! बिलम्ब न करो ………ललिता सखी आगे आगे चलीं …..वो चरण चिन्हों को देखती हुयी जा रही थी …………..

तभी ………रँग देवि ! सुदेवी ! विशाखा ! चित्रा ! आओ इधर इधर आओ ! ललिता सखी फिर चिल्लाईं ।

ये सारी सखियाँ फिर दौड़ीं ……..हाँ क्या हुआ ललिता ! क्या हुआ ?

ये देखो ! ललिता सखी फिर दूसरे चरण चिन्ह दिखानें लगी थीं ।

ध्यान से देखो ! ये दूसरे चरण चिन्ह कहाँ से आगये यहाँ ?

ललिता सखी नें तनिक मुस्कुराते हुए अपनी सखियों से पूछा ।

ओह ! रँगदेवी उछल पडीं और ललिता सखी के गले लग गयीं …….

तो क्या ? हमारी स्वामिनी श्रीराधा रानी को वे ले गए हैं ?

हाँ …..हाँ …सखी ! हाँ ……….हमारी श्रीराधा रानी को वह छलिया अपनें साथ ले गए हैं ।

क्रमशः ….
शेष चरित्र कल ………

admin
Author: admin

Chief Editor: Manilal B.Par Hindustan Lokshakti ka parcha RNI No.DD/Mul/2001/5253 O : G 6, Maruti Apartment Tin Batti Nani Daman 396210 Mobile 6351250966/9725143877

Leave a Comment

Advertisement
Advertisements
लाइव क्रिकेट स्कोर
कोरोना अपडेट
पंचांग
Advertisements