Explore

Search

August 30, 2025 11:36 am

लेटेस्ट न्यूज़

કેતન પટેલ પ્રમુખ ए ભારતીય રાષ્ટ્રીય કોંગ્રેસપ્રદેશ કોંગ્રેસ સમિતિ, દમણ અને દીવ દ્વારા ૨૫/૦૮/૨૦૨૫ ના રોજ પ્રફુલભાઈ પટેલને પત્ર લખ્યો છે દમણ જિલ્લાને મહાનગર પાલિકામાં અપગ્રેડ કરવાનો પ્રસ્તાવ

Advertisements

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 43 !!-महाकाल का प्रेमरूप – “गोपेश्वर महादेव” भाग 2 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 43 !!-महाकाल का प्रेमरूप – “गोपेश्वर महादेव” भाग 2 : Niru Ashra

🙇‍♀️🙇‍♀️🙇‍♀️🙇‍♀️
!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 43 !!

महाकाल का प्रेमरूप – “गोपेश्वर महादेव”
भाग 2

वो……..देवि लक्ष्मी आयी थीं …………ब्रह्माणी भी आयी थीं ……कह रही थीं …….कि श्रीधाम वृन्दावन में महारास होनें वाला है …………तो अंतरिक्ष से हम सब देखेंगी …………….पार्वती नें कहा ।

मैं भी चलूँगा ……और मैं भी दर्शन करूँगा ……महादेव नें कहा ……और चल पड़े …..।

अरे ! ऐसे कैसे चल रहे हो……..उस महारास का दर्शन कोई पुरुष नही कर सकता ……..पुरुष को दर्शन का भी अधिकार नही है ।

मुस्कुराये महादेव …………………

देवि ! उन ब्रह्म नें मोहिनी का रूप धारण कर मुझे मोहित किया था ….आज मेरी बारी है …………………

पर मैं क्या कर सकूँगा ………साक्षात् श्रीराधा रानी जिनके बाम भाग में विराजमान रहती हैं ………मैं क्या मोहित कर सकूँगा उन कृष्ण को ।

पर मैं जाऊँगा अवश्य……….मैं उस महारास का आनन्द लूंगा ।

फिर विचार करनें लगे शिव शंकर ……..कहीं मुझे रोक दिया तो !

क्यों की महारास में सभी गोपियाँ ही होंगीं ………..

आँखें बन्द कर लीं महादेव नें……..तुरन्त खोलीं………

ओह ! ललिताम्बा त्रिपुरा सुन्दरी श्रीराधा रानी की मुख्य सखी हैं …..तो ठीक है फिर ……….मुझे वही उपाय बता देंगी ……..ऐसा विचार करते हुये महादेव वृन्दावन की ओर चल पड़े थे ………

पार्वती जी पीछे से आवाज देती रहीं…..पर महादेव कहाँ सुननें वाले थे ।

आप नही जा सकते………वृन्दावन की सीमा में ही रोक दिया सखियों नें ……महादेव को…….वैसे तो सैकड़ों देवता रुके पड़े थे……..कहीं से भी उस महारास का दर्शन मिल जाए …..ऐसी ही आस थी ।

महादेव को जाते जब देखा सभी देवों नें ………….सब उनके पीछे लग गए ……..आप तो महादेव हैं ……आपको तो प्रवेश मिलेगा ही ……तो हमें भी ! देवताओं नें प्रार्थना करनी शुरू कर दी ।

पर ये क्या ! सखियों नें तो जाते हुए महादेव को भी रोक दिया ।

आप नही जा सकते……आप इतना भी नही समझ रहे क्या ! कि इस महारास का दर्शन मात्र स्त्रियों को ही सम्भव है ……..ये प्रेम का दिव्य दर्शन है……अहंकार ओढ़ कर इसका दर्शन नही किया जाता ।

ये गोपियाँ भी साधारण नही हैं ……अच्छे अच्छे देवताओं और ऋषियों को भी ये समझा रही थीं ………….पर कौन इस महारास के दर्शन का लोभ छोड़ सकता था ।

पर मुझे जाना है ……………….महादेव फिर जानें लगे ।

बाबा ! समझ में नही आरहा ……..आपको जानें नही दिया जाएगा ।

अच्छा ! अच्छा ! ललिता सखी कहाँ हैं ? भगवान शंकर नें पूछा ।

क्यों , जानते हो आप ललिता सखी को ? सखी नें पूछा ।

हाँ……..हमारा पुराना परिचय है ……बुलाओ तो ! महादेव नें कहा ।

ललिता सखी बहुत व्यस्त थीं……..महारास की तैयारी हो रही थी भीतर…….उस तैयारी को देखनें वाली मुख्य ललिता सखी ही थीं ।

उस सखी के कहनें पर भी ललिता नही आईँ बाहर ……….

तब वहीं महादेव ध्यान लगाकर बैठ गए ………….तंत्र मन्त्र की अधिष्ठात्री त्रिपुरा सुन्दरी ये महादेव के हृदय में ही तो रहती हैं ।

तुरन्त उपस्थित हुयीं भगवान शिव शंकर के सामनें ।

आप यहाँ ? ललिता सखी हँसी ।

हाँ ……..हमारी भी इच्छा हुयी कि महारास का दर्शन किया जाए ……इसलिये हम आगये …….हँसते हुए महादेव नें कहा ।

पर आप कैसे दर्शन करोगे ? ललिता सखी नें मना कर दिया ।

क्यों की पुरुष का प्रवेश नही है भीतर !

………ललिता नें कारण भी बता दिया ।

तो मुझे गोपी ही बना दो ……..महादेव मुस्कुराते हुए बोले ।

क्या ! मुस्कुराते हुये चौंकी ललिता सखी ।

हाँ…..मैं इस प्रेम लीला के दर्शन करूँगा…..भले ही कुछ भी करना पड़े ।

हे वज्रनाभ ! महादेव के मुखारविन्द से ये सब सुनकर मुस्कुराते हुये इस सरोवर को दिखाया था ललिता सखी नें ।

महादेव ! इस सरोवर का नाम है “मान सरोवर”……नही नही …..ये आपका कैलाश वाला मान सरोवर नही है……..यहाँ एक दिन ब्रह्म की आल्हादिनी श्रीराधा रानी मान कर गयी थीं …….तब बड़े परिश्रम से उन्हें मनाया था तुम्हारे ब्रह्म नें …….साकार ब्रह्म कृष्ण नें ।

क्रमशः…
शेष चरित्र कल…🙏

✒️ राधे राधे✒️

admin
Author: admin

Chief Editor: Manilal B.Par Hindustan Lokshakti ka parcha RNI No.DD/Mul/2001/5253 O : G 6, Maruti Apartment Tin Batti Nani Daman 396210 Mobile 6351250966/9725143877

Leave a Comment

Advertisement
Advertisements
लाइव क्रिकेट स्कोर
कोरोना अपडेट
पंचांग
Advertisements