♦️ NRI केशव बटाक ने पीएम मोदी को पत्र लिख किया आग्रह” भारत कोई धर्मशाला नहीं है, भारत सरकार अवैध पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को अमेरीकी तर्ज पर करे डिपोर्ट ” : केशव बटाक
London 05-05-2025 ♦️ NRI केशव बटाक ने पीएम मोदी को पत्र लिख किया आग्रह ” भारत कोई धर्मशाला नहीं है, भारत सरकार अवैध पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को अमेरीकी तर्ज पर करे डिपोर्ट ” : केशव बटाक ♦️ भारत में आबाद पाकिस्तानियों की लाखों बीवियों और पूरे कुनबे को भेजें पाकिस्तान ♦️ शत्रु देशों में वैवाहिक संबंधों और भारत में घुसपैठ व घुसपैठियों के मददगारों को घोषित करें भारतद्रोह ♦️ भारतद्रोहियों की छीनें नागरिकता, जब्त करें संपत्तियाँ, हो 20 वर्ष जेल का प्रावधान : प्रेसिडेंट सैल्यूट तिरंगा, यूके सैल्यूट तिरंगा यूके के प्रेसिडेंट NRI केशव बटाक ने पीएम मोदी को पत्र लिख कर अवैध प्रवासियों को अमेरिका की तर्ज पर घुसपैठियों के मुल्कों में डिपोर्ट करने की माँग की है। एनआरआई ग्रुप लंदन-यूके के कन्वीनर केशव बटाक ने पीएम मोदी को भेजे पत्र में लिखा कि युद्ध के मुहाने पर खड़े भारत को करोड़ों घुसपैठियों से बड़ा खतरा है। आधार कार्ड से लेकर डोमिसाइल सर्टिफिकेट जैसे भारतीय कागजातों से लैस ये पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों के साथ देश में मौजूद पाकिस्तानियों की 25 लाख बीवियों और उनकी करीब 50 लाख संतानों व पैदाइशों समेत करोड़ों घुसपैठियों से भारत की आंतरिक सुरक्षा को बड़ा खतरा है। यकीनन भारत-पाक युद्ध के समय हमें पाक और चीन के साथ इन घुसपैठियों और उनके मददगारों समेत करोड़ों भितराघातियों से ढ़ाईवें मोर्चे पर भी जूझना पड़ेगा। 1971 के युद्ध तक घुसपैठिए भारत की इतनी बड़ी चुनौती नहीं थे। 90 के दशक से तेज हुई घुसपैठ के बाद अब भारतीय डॉक्युमेंटों से लैस हो चुके ये करोड़ों घुसपैठिए शत्रु देशों के स्लीपर सेल की भांति भारत का खतरा बने हुए हैं। केशव बटाक ने पीएम मोदी को पत्र में आगे लिखा कि मैं वर्षोंं से भारत सरकार और गुजरात, आसाम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, यूपी, दिल्ली आदि राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर बांग्लादेशियों, पाकिस्तानियों और रोहिंग्या घुसपैठियों के खतरों से आगाह करता आ रहा था। इसमें मेरा कोई निजी हित नहीं है। मैं भले ही यूके में रहता हूँ, मगर मेरा ह्दय अपने मूल वतन भारत के लिए ही धड़कता है, जो पाकिस्तानपरस्तों को नागवार गुजरता है। मैं इसकी जरा भी परवाह नहीं करता हूँ। भारत और भारत का हित मेरा लिए सदा सर्वोपरि (सबसे ऊपर) रहेगा। केशव बटाक ने पीएम मोदी को पत्र में आगे लिखा कि अब पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने की चेतावनी के बाद पाकिस्तानियों से निकाह कर भारत में जमी बैठी 25 लाख बीवियों और उनकी संतानों व उपसंतानों का खुलासा होने पर इस नये तरह के घुसपैठ का दुष्चक्र सामने आया है। ये 25 लाख पाकिस्तानी शौहरों की बीवियां पाकिस्तान आती जाती रहती हैं। मगर पाकिस्तान में नहीं बल्कि भारत में बसी हैं! मैं आश्चर्य चकित हूँ कि इतने वर्षों तक यह बात भारत सरकार और राज्य सरकारों के संज्ञान में क्यों नहीं आयी? शत्रु राष्ट्र में वैवाहिक संबंध! पाकिस्तान से आकर भारत में बसे हिन्दुओं, सिंधियों और सिखों के रिश्तेदार भी पाकिस्तान में हैं मगर इन भारतीयों ने अपने पाकिस्तानी संबंधियों से नाममात्र का नाता रखा है। भारत को शत्रु राष्ट्र में विवाह करने को भारतद्रोह घोषित करने, घुसपैठियों के मददगारों और घुसपैठियों को भारतीय कागजात बनवाने व बनाने वालों की नागरिकता समाप्त करने एवं उनकी संपत्तियों को जब्त कर 20 वर्षों की सजा देने, 2 से अधिक संतानों पर राशन सहित सुविधाएं बंद करने जैसे सख्त कानून बनाने की जरूरत है। भारत में आज करीब 5 करोड़ घुसपैठिए हैं, जिनमें अधिकांश के पास गलत तरीकों से बनवाये भारतीय कागजात हैं। दमण में भी पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिग्या घुसपैठियों के पास भारतीय कागजात हो सकते हैं जिससे उनकी असलियत छिप जाती हो। भारत के सिटीजनशिप एक्ट, इमीग्रेशन एक्ट व पुलिस एक्ट में सुधार की जरूरत है, ताकि पुलिस और प्रशासन घुसपैठियों से मजबूती से निपट सके। जब तक यह नहीं होता तब तक भारत सरकार को अध्यादेश लाकर घुसपैठियों और उनके भारतीय मददगारों की नागरिकता समाप्ति और संपत्तियों का जब्तीकरण व जेलवास सुनिश्चित करना चाहिए। भारत में पाकिस्तानियों की बीवियों और उनके कुनबे को घुसपैठिया करार देते हुए अमेरिका की तर्ज पर बलपूर्वक उन्हें पाकिस्तान डिपोर्ट करना चाहिए, ऐसी अधिकांश राष्ट्रभक्त भारतीयों की हार्दिक भावना है। यदि पाकिस्तान उन्हें स्वीकार नहीं करे तो उन्हें बाई एयर पैराशूट से पाक में उतार दिया जाना चाहिए। जब अमेरिका अपने देश के अवैध प्रवासियों को बलपूर्वक घुसपैठियों के मुल्क में डिपोर्ट कर सकता है तो भारत को भी गलत तरीके से देश में घुसे और भारतीय बने बैठे घुसपैठियों को उनके मुल्कों में डिपोर्ट करने का हक है। इसका विरोध करने वाले नेताओं और घुसपैठियों के हमदर्दों को भारतद्रोह के मामले में आजीवन जेल में डालने, नागरिकता समाप्त करने, संपत्तियों को जब्त करने का कानून बनाने व अभी अध्यादेश लाने की परम् आवश्यकता है। घुसपैठियों ने भारत को धर्मशाला बना लिया है। नया भारत दुनिया के कचरे को अब बर्दाश्त नहीं करेगा। द्वारा केशव बटाक, कन्वीनर, एनआरआई ग्रुप, प्रेसिडेंट, सैल्यूट तिरंगा, यूके