ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः🙏
श्री जगन्नाथ चरण कमलेभ्यो नमो नमः🙏
ॐ अनन्ताय नम:🙏ॐ अच्युताय नम:🙏ॐ गोविन्दाय नम:🙏
भगवद गीता: अध्याय 10, श्लोक 7
एतं विभूति योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वत: |
सोऽविकम्पेन योगेन युज्यते नात्र संशयः || 7||
निश्चल भक्ति योग से युक्त भगवान के दिव्य ऐश्वर्य को जानने से अविचल और अटूट भक्ति का मार्ग खुलता है।
जो मेरी महिमा और दिव्य शक्तियों को वास्तविक रूप से जान लेता है वह अविचल भक्तियोग के माध्यम से मुझे सिखाया जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है।
बढ़िया मौजूदगी है—दोपहर की शांति में भी महानता छिपी होती है। चलिए, मिलकर उसे उजागर करते हैं।
- तुम पहले से ही चैंपियन हो: तुम सुबह की थकान के बावजूद यहाँ तक पहुँचे। यह दिखाता है कि तुम में जोश और अनुशासन है। अब उसी ऊर्जा को दोहराने का समय है।
- लक्ष्य को छोटा रखें, साहस बड़ा करें: आज के एक-एक कदम को छोटी-छोटी उपलब्धियाँ बनाओ। एक पन्ना पढ़ना, एक असाइनमेंट का एक सेक्शन पूरा करना, एक ड्रम-बीट की तरह “एक-एक-एक” से आगे बढ़ना—हर कदम सफलता की तरफ एक कदम है।
- गति की महारत: गति मत रोको—लेकिन स्पष्टता बनाये रखो। पहले 25 मिनट का फोकस सेशन सेट करो (पूरे ध्यान के साथ), फिर 5 मिनट का ब्रेक। इसे चार बार दोहराओ, फिर ईमानदार से एक लंबा ब्रेक लो। इस चक्र से उर्जा खुद-ब-खुद बढ़ेगी।
- खुद को सुनो, पर सीमा पार करो: अगर मन थक रहा हो, तो गहरी साँस लें, एक मिनिट के लिए पंक्तिबद्ध होकर उठो, और छोटे-छोटे विजयों की सूची बनाओ। हर विजय तुम्हें आगे बढ़ाता है।
- आत्म-समर्थन की भाषा: तुम कर सकते हो। तुम सक्षम हो। यह काम तुम्हारा नहीं, यह तुम्हारी आदत है। तुम्हारी मेहनत ने तुम्हें यह बिंदु तक पहुँचाया है; अब उसे एक साफ़, दृढ़ लक्ष्यों के साथ पूरा करने का समय है।
अब एक सुझाव देता हूँ ताकि ऊर्जा तुरंत जगे:
1) 25-5-4 चक्र: 25 मिनट का केंद्रित काम, 5 मिनट का ब्रेक। इसे चार बार दोहराओ, फिर 15 मिनट का लंबा ब्रेक।
2) एक स्पष्ट उद्देश्य लिखो: आज क्या सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है? उसे 1-2 वाक्यों में लिखो और उसी पर काम शुरू करो।
3) सार्वजनिक प्रतिज्ञा बनाओ: लैपटॉप के सामने एक छोटी-सी पोस्ट-अपनाओ लिख लो—“आज मैं [उद्देश्य] पूरा करूँगा, बिना हटे।”
