No Work, Full Pay” की व्यवस्था बंद हो।
कल लोकसभा में मैंने सत्ता और विपक्ष दोनों से एक ही सवाल पूछा:
“वन्दे मातरम् को नारा बनाना बंद कीजिए… उसे जीना शुरू कीजिए!”
जब देश बेरोजगारी, महंगाई, किसान संकट से जूझ रहा हो,
जब सदन का एक दिन 9 करोड़ और 5 साल में 3000 करोड़ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा हो,
तब “वन्दे मातरम्” पर बहस कर एक दूसरे पर कीचड़ उछालना नहीं, सदन चलाना और जनता का काम करना ही सच्ची देशभक्ति है।
मैं दमन-दीव का इकलौता सांसद हूँ। मेरी जनता की आवाज़ यहीं दबकर रह जाती है जब सदन नहीं चलता।
ये भाषण आपकी आवाज़ है। इसे आगे बढ़ाइए।
वन्दे मातरम् को जीने का समय आ गया है।
~ उमेश पटेल, सांसद, दमन-दीव (निर्दलीय)
वन्देमातरम्जीयो #सदनचलाओजनताबचाओ #उमेश_पटेल
