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August 30, 2025 6:39 am

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दमण में संसद द्वारा पारित 3 नए आपराधिक कानूनों पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम, लोगों को दी गई जानकारी

दमण में संसद द्वारा पारित 3 नए आपराधिक कानूनों पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम, लोगों को दी गई जानकारी


दमण में संसद द्वारा पारित 3 नए आपराधिक कानूनों पर
हुआ जागरूकता कार्यक्रम, लोगों को दी गई जानकारी

भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य
अधिनियम के बारे में जानकारी प्रदान की गई
कानून की अज्ञानता कोई बचाव नहीं है: जीएनएलयू निदेशक
( दमण 07 फरवरी, 2024) । संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव के
माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल के सक्षम मार्गदर्शन में दमण में भारतीय संसद द्वारा पारित 3
नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन,
पुलिस प्रशासन और गुजरात नैशनल लौ यूनिवर्सिटी (G.N.L.U.) के समन्वय से आज (बुधवार)
शाम 04 बजे स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित किया गया जिसमें संघ प्रदेशों के माननीय
प्रशासक के सलाहकार श्री अमित सिंघला जी, पुलिस महानिरीक्षक श्री मिलिंद दुम्बरे जी, गुजरात
राज्य मानवाधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जे. ठाकर विशेष अतिथि के

बतौर उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन द्वारा की गई । तत्पश्चात,
गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय द्वारा मंच पर बैठे गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया
गया। इसी क्रम में जीएनएलयू के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस. शांथाकुमार द्वारा सभी अतिथियों का
शाब्दिक रूप से स्वागत किया गया। उन्होंने 3 नए आपराधिक कानूनों पर जानकारी देते
हुए बताया

कि नए ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए पुराने आपराधिक कानून ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा और
भारतीयों को दंडित करने के लिए बनाए गए थे। इसलिए इसका नाम भारतीय दंड संहिता पड़ा। नए
कानून का इरादा सभी को न्याय दिलाना है इसलिए इसे भारतीय न्याय संहिता नाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ये आपराधिक कानून ब्रिटिश काल के कानूनों की जगह लेंगे जो हमारी आपराधिक
न्याय वितरण प्रणाली को उपनिवेश वाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिनियम हमारी
कानूनी प्रणाली के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम हैं और हमारे देश की कानूनी प्रणाली में एक
क्रांतिकारी बदलाव हैं। कानून की अज्ञानता कोई बचाव नहीं है इसलिए सभी नागरिकों को इन नए
कानूनों की जानकारी मिलनी चाहिए।
इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक श्री मिलिंद दुम्बरे जी ने कहा कि भारत कानून व्यवस्था
के क्षेत्र में एक नई दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये तीनों नए आपराधिक
कानून आम जनता को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं और पुलिस प्रशासन के बतौर विभाग को
इन कानूनों को अमल में लाना है जिसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हो रहे हैं। इसे लेकर हम
विभाग में सभी को इसका प्रशिक्षण दिलाने का कार्य भी कर रहे हैं तथा हमें फॉरेन्सिक और
टेक्निकल जानकारी भी हासिल करनी आवश्यक है। इसके लिए हम सेंट्रल की एजेंसियों के साथ
इस पर समझौता ज्ञापन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों में नागरिकों की अहम
भूमिका हैं तथा आप सभी नागरिकों को इस पर जानकारी हासिल करना चाहिए।
माननीय प्रशासक के सलाहकार श्री अमित सिंघला जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि
लगभग 150 वर्ष बाद औपनिवेशिक युग के कानूनों को समाप्त करने तथा दंड से सम्बंधित
प्रावधानों को सुदृढ़ करने हेतु इन नए आपराधिक कानूनों को बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ये

नए कानून भारतीयता, भारतीय संविधान और भारतीय नागरिकों को ध्यान में रखकर बदलाव किये
गए हैं। इन नये कानूनों के लागू होने से भारतीय न्याय व्यवस्था मजबूत होगी।
गुजरात मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. जस्टिस कौशल ठाकर जी ने कहा कि अक्सर
कोर्ट को लगता है कि अपराध की ठीक से जांच नहीं हुई है या जांच में कोई गलती हुई है, इस
समस्या को सुलझाने के लिए नए कानून में जिस अपराध के लिए सात साल से ज्यादा की सजा
का प्रावधान है, उसकी जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद लेना अनिवार्य कर दिया गया है ।
उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों में मोब लींचीग से जुड़े सहित अन्य बदलाव किये गए हैं। उन्होंने
आगे कहा कि इन नए कानूनों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए माननीय प्रशासक
श्री प्रफुल पटेल ने जो पहल की है, वह उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है और इसके लिए मैं उन्हें
हृदय से बधाई देता हूं। गुजरात मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. जस्टिस कौशल ठाकर जी ने
विस्तृत में इन कानूनों पर जानकारी प्रदान की तथा अपने अनुभव बताए ।
कार्यक्रम के अंत में जीएनएलयू के सहायक प्रोफेसर डॉ. हार्दिक पारिख द्वारा सभी कार्यक्रम
के
में आए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया ।
इसके पश्चात Panel Discussion का भी आयोजन किया गया जिसमें नए आपराधिक
कानूनों के कार्यान्वयन, प्रावधान, परिवर्तन और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बारे में चर्चा की गई ।
इस कार्यक्रम में दमण जिला समाहर्ता श्री सौरभ मिश्रा जी, दमण नगरपालिका अध्यक्ष श्री
असपी दमनिया, दमण जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती जागृति पटेल जी, सिलवासा नगरपालिका
अध्यक्षा श्रीमती रजनी शेट्टी, सिलवासा जिला पंचायत अध्यक्ष दामजी कुराडा सहित जनप्रतिनिधि,
अधिकारी व कर्मचारी, शिक्षक सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।

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असपी दमनिया, दमण जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती जागृति पटेल जी सिलवासा नगरपालिका
अध्यक्षा श्रीमती रजनी शेट्टी, सिलवासा जिला पंचायत अध्यक्ष दामजी कुराडा सहित जनप्रतिनिधि,
अधिकारी व कर्मचारी, शिक्षक सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे ।
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संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव प्रशासन,
क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी का कार्यालय,
सूचना एवं प्रचार विभाग,
समाहर्तालय, ढोलर, मोटी दमण- 396220
ईमेल: fieldpublicitydaman@gmail.com
गौरतलब है कि देश में अंग्रेजों के जमाने के आपराधिक कानूनों की जगह लेने वाले तीन
संशोधन विधेयकों को दिसंबर महीने में माननीय राष्ट्रपति महोदया द्वारा मंजूरी दे दी थी । तीनों
नए कानून अब भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम
कहे जाएंगे, जो क्रमश: भारतीय दंड संहिता (1860), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (1898) और
भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) की जगह लेंगे इन कानूनों का मकसद अपराधों व उनकी
सजाओं को परिभाषित कर आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलना है । अब भारत में
लागू किसी भी कानून के तहत उत्तरदायी किसी भी व्यक्ति पर भारत से बाहर किए गए किसी भी
अपराध के लिए इस कानून के प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जा सकेगा ।
क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी/
उप समाहर्ता (मुख्यालय),
दमण।

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Author: admin

Chief Editor: Manilal B.Par Hindustan Lokshakti ka parcha RNI No.DD/Mul/2001/5253 O : G 6, Maruti Apartment Tin Batti Nani Daman 396210 Mobile 6351250966/9725143877

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