Explore

Search

August 30, 2025 10:30 am

लेटेस्ट न्यूज़

કેતન પટેલ પ્રમુખ ए ભારતીય રાષ્ટ્રીય કોંગ્રેસપ્રદેશ કોંગ્રેસ સમિતિ, દમણ અને દીવ દ્વારા ૨૫/૦૮/૨૦૨૫ ના રોજ પ્રફુલભાઈ પટેલને પત્ર લખ્યો છે દમણ જિલ્લાને મહાનગર પાલિકામાં અપગ્રેડ કરવાનો પ્રસ્તાવ

Advertisements

सखियों के श्याम (भाग 13)-(प्रेम न हाट बिकाय) 4️⃣ : Niru Ashra

सखियों के श्याम (भाग 13)-(प्रेम न हाट बिकाय) 4️⃣ : Niru Ashra

सखियों के श्याम (भाग 13)

(प्रेम न हाट बिकाय)
4️⃣

वे हँस दिये –
‘ इसी कारण तो मेरे सारे उधम, तुझपर दृष्टि पड़ते ही शांत हो जाते थे। तुझे कुछ कहते—छेड़ते मुझे संकोच हो आता था। और तो क्या कहूँ, श्रीराधाके सम्मुख भी मैं कभी इतना संकुचित नहीं हुआ। उनके अंतरकी बात मैं जानता हूँ, किंतु तेरा हृदय द्वार तो अर्गला और श्रृंखलासे ही नहीं; अभेध दीवारसे रुद्ध रहता है। मैं भोला छोरा भला कैसे समझ पाता! इसीसे तुझे अनदेखा कर इधर-उधर सरक जाता।’

कुछ क्षण ठहर कर बोले–

‘मेरी ओर देखेगी नहीं शुचि? लोग कहते हैं मैं बहुत सुन्दर हूँ। एकबार देख न! मैं भी देखूँ तेरी काली पुतलियोंमें मेरा काला प्रतिबिम्ब कैसा दिखायी देता है। मैं काला हूँ, क्या इसीसे तू नहीं देखती ?”

मैं बरबस मुस्करा दी। इस भोलेपनकी भी कोई सीमा है भला?

अंजलीमें भरकर उन्होंने मेरा मुख ऊपर उठा दिया—

‘शुचि !’

न जाने क्या था उस स्वरमें, कि लगाके भारी भारकी अवहेलना कर पलकें धीरेसे ऊपर उठ गयी। वह कमलमुख समीप था— बहुत समीप! चिरकालका तृषित-पथिक मानो सरोवरके निर्मल जलपर झुक गया। मुझे ज्ञात नहीं, कितने समयतक नयन भ्रमर रूपसुधा पान करते रहे। ध्यान टूटा- वे एक हाथ से मेरा मस्तक हिलाते हुए हँसकर कह रहे थे—

‘बोलेगी नहीं!’

यह हीरक कणों सी दन्त पंक्ति, उनकी आभासे उज्ज्वलता लिये विद्रुम अधर, मस्तक हिलनेसे गतिमान हुए दौड़-दौड़कर कपोलोंको चूमते मुख मकर- कुण्डल, बार-बार झुक झुक आती कुण्डलायित घनकृष्ण केश राशि, मुखमण्डलकी वह अमित छवि और सम्पूर्ण शरीरकी अपार शोभा, सबसे ऊपर वह दिव्य देह-गन्ध !

उनके सखा कहते हैं—

‘कन्हैयाकी देह-गन्ध इसे कहीं छिपने नहीं देती!’

अपनी सीमित इन्द्रिय-शक्तिसे मैं क्या-क्या देखूँ, क्या अनुभव करूँ। विधाताकी कृपणता आज बेतरह खटक गयी। असमर्थताके बोझसे कसमसा उठी मैं!

‘क्या देख रही है, योँ? लोग झूठ कहते हैं न, कि मैं सुन्दर हूँ! सम्भवतः मुझे चिढ़ाने को कहते होंगे। सुन्दर तो तू है, मैं तो काला हूँ।’

मुझे मन-ही-मन हँसी आ गयी–

‘अहा, कितनी बातें बनानी आतीं हैं इन्हें ? मेरे जितने ही तो है; कुल सात वर्ष, मुझे तो बात ही नहीं आती। भीतर कुछ उपजता भी है तो शब्द नहीं मिलते और ये ? मैया रे!”

‘बोलती क्यों नहीं, फिर हाथ जोड़ूँ?’

मैं व्याकुल हो उठी, जीभको मुखमें घुमा-फिरा कर देखना चाहा कि वह मुखमें है भी कि पलायन कर गयी, किंतु कुछ भी न हो सका। सम्भवतः मेरी व्याकुल-दृष्टि उन्होंने चिन्ह ली, अतः वैसा कुछ नहीं किया। पर खीजते हुए बोले–

‘अगर तू नहीं बोली, तो मैं तेरी नाक खींच लूँगा।’

मुझे अनायास हँसी आ गयी।

उन्होंने प्रसन्नताके आवेग में मुझे अंकमें दबा लिया। मैं आनन्द-मूर्छामें डूबने लगी तभी वे मुख झुकाकर अपने अधरोंसे मेरा ललाट स्पर्श करते हुए। बोले–

‘कितना मधुर स्वर है तेरा ! बोल न; मेरे श्रवण आकुल हैं सुनने को।’

वह स्पर्श, वह श्वासकी मोहिनी गंध; मैं अवश हो चली; नयन पुट मुंद गये और अवश-मंद-अधीर स्वर फूटा—
‘श्या…. म… सु…..न्द…..र…!’

‘बोल शुचि ! और बोल…. और बोल…. ।’

श्यामसुन्दर….! श्यामसुन्दर….. !! श्यामसुन्दर….. !!!-

मन और प्राणोंके साथ-साथ जिह्वा आवृत्ति करती गयी।

कितना समय बीता, जाननेका न अवसर था, न इच्छा और न साधन ही।

‘शुचि’।

‘हूँ…..।’

‘आँखें खोल! देख तेरे केशपाश खुल गये हैं। तू उठकर बैठ, तो मैं बाँध दूँ इन्हें ।’

‘अब चलें, अबेर हो रही है। सखा ढूंढ़ते होंगे मुझे! तेरी मैया भी चिन्तित होगी।’–

उन्होंने ढीली चोटी कर, उसमें पुष्प गुम्फन करके मुझे दिखानेको आगे लटकाते हुए कहा।

मैंने आश्चर्यसे उनकी ओर देखा; यह सब कहाँ सीखा उन्होंने !

‘उठ, चलें।’
उन्होंने हाथ पकड़ कर उठा दिया-

‘अब तो चुप नहीं रहेगी ?

कैसे, क्यों आयी थी यहाँ — इतनी दूर?”

मैं मन — ही मन — उत्तर खोजने लगी।

‘फिर गूंगी हो गयी ?’– खीज पड़े ।

मैं अचकचाकर उनका मुख देखने लगी। वे हँस पड़े—

‘इसीसे लोग कहते हैं— शुचिके मोढ़े मा जिह्वा नाय!’

तमाल वृक्षको देख, चलते-चलते रुककर मैंने प्रणाम किया।👏🏻

‘यहाँ कोई देवता है ?’

मैंने ‘हाँ’ मैं मस्तक हिला दिया।

‘कौन देवता ?’

मैं पुनः उत्तर ढूंढ़ने में लग गयी।

जय श्री राधे…

admin
Author: admin

Chief Editor: Manilal B.Par Hindustan Lokshakti ka parcha RNI No.DD/Mul/2001/5253 O : G 6, Maruti Apartment Tin Batti Nani Daman 396210 Mobile 6351250966/9725143877

Leave a Comment

Advertisement
Advertisements
लाइव क्रिकेट स्कोर
कोरोना अपडेट
पंचांग
Advertisements