🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(55-3),श्रीकृष्णकर्णामृत – 81 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा
🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 #मैंजनकनंदिनी…. 5️⃣5️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 छिनु छिनु पिय बिधु बदन निहारी…..📙( रामचरितमानस )📙🙏🙏👇🏼🙏🙏 मैं वैदेही ! मेरे रघुनन्दन मेरी और देखते ……………मै शरमा जाती । मेरे मुख को अपनी हथेलियों में भर लेते …………फिर …………. मैं भाग जाती भीतर कुटी में । मै मुस्कुराती हुयी … Read more