🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(64-1),श्रीकृष्णकर्णामृत – 106 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु
🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी.6️⃣4️⃣भाग 1 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱💥🌺🌹🌱💥🌺🌹🌾🌷 मैं वैदेही ! मन बुद्धि चित अह मिति बिसराई ….( रामचरितमानस ) 👇👇भरत ! बताओ ना पिता जी कैसे हैं ? माता कैकेई कैसी हैं ? तुम इस समय वन में क्यों हो ? तुमनें बल्कल भी धारण किये हैं , … Read more