श्रीसीताराम शरणम् मम(58–1), श्रीकृष्णकर्णामृत – 87 तथा श्रीमद्भगवद्गीता – : नीरु आशरा
Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..5️⃣8️⃣भाग 1 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 आवत देखी सकल मुनि वृन्दा…..📙( रामचरितमानस )📙🙏🙏👇🏼🙏🙏 मैं वैदेही ! चित्रकूट की सन्ध्या …….सायंकाल …………… वट वृक्ष के नीचे विराजें हैं मेरे श्रीराम ………….. आस पास की गुफाओं से निकल निकल कर आजाते हैं बड़े बड़े ऋषि मुनि ……………..उनका … Read more