🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(62-3),श्रीमद्भगवद्गीता तथा श्रीकृष्णकर्णामृत – 102 : नीरु आशरा
[] Niru Ashra: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 13 : प्रकृति, पुरुष तथा चेतना🌹🌹🌹🌹🌹🌹श्लोक 13.25🌹🌹🌹🌹ध्यानेनात्मनि पश्यन्ति केचिदात्मानमात्मना |अन्ये सांख्येन योगेन कर्मयोगेन चापरे || २५ || ध्यायेन – ध्यान द्वारा; आत्मनि – अपने भीतर; पश्यन्ति – देखते हैं; केचित् – कुछ लोग; आत्मानम् – परमात्मा को;आत्मना – मन से; अन्ये – अन्य लोग; साङ्ख्येन – दार्शनिक विवेचना द्वारा; योगेन … Read more