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August 30, 2025 2:07 am

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(105-3),“श्रीकृष्णसखा ‘मधुमंगल’ की आत्मकथा – 9”,श्री भक्तमाल (109),“श्रीकृष्णसखा ‘मधुमंगल’ की आत्मकथा – 9” तथा श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

[] Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..1️⃣0️⃣5️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 इन्द्ररुद्र-धनदाम्बुपालकै: सद्विमान-गणमास्थितैर्दिवि।पुष्पवर्ष-मनुसंस्तुताङ्घ्रिकां भावये मनसि रामवल्लभाम्।। तुम कैकसी के पुत्र हो ? राक्षससम्राट सुमाली क्रमशः ……शेष चरिञ अगले भाग में………. 💐🥀🌹🌺🌻🌱💐🥀🌹🌺🌱जनकसुता जग जननि जानकी। अतिसय प्रिय करुनानिधान की॥ ताके जुग पद कमल मनावउँ। जासु कृपाँ निरमल मति पावउँ॥💐🥀🌹🌺🌻🌱💐🥀🌹🌺🌱 [] … Read more