🦚 विरही- गोपी- उध्धव छे- संवाद-२७🦚🌹 भ्रमर -गीत🌹: Niru Ashra
🦚 विरही- गोपी- उध्धव छे- संवाद-२७🦚🌹 भ्रमर -गीत🌹 🙏 १. हमारी श्याम विराजते समय की आदतें पड़ी हुई है, भुलाती नहीं है। ऐसा लगता है एक-एक बातें आज भी वैसे लीला हो रही हो। दिल से हटती नहीं।🙏 २. कोई उत्सव, पर्व हो हम रसोई बनाती रही हो अचानक श्याम आकर कहेगा, ‘लाओ क्या तैयार … Read more