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August 31, 2025 4:27 am

उद्धव गोपी संवाद(भ्रमर गीत) ४५ एवं ४६ : Niru Ashra

उद्धव गोपी संवाद(भ्रमर गीत) ४५ एवं ४६ : Niru Ashra

उद्धव गोपी संवाद(भ्रमर गीत)४५ एवं ४६ ताही छिन इक भ्रमर, कहूं ते उड़ि तहां आयौ।ब्रज बनितन्हं के पुंज मांहि,गुंजत छवि छायौ।।बैठ्यौ चाहत पांइ पै,अरून कमल दल जानिं।मनुं मधुकर ऊधौ भयौ, प्रथम हि प्रगट्यौ आनिं।।– प्रेम कौ भेष धरि?भावार्थ:-उसी समय एक भंवरा कहीं से उड़ते हुए वहां आ पहुंचा, जहां ब्रज गोपियां झुंड में बैठी हुईं … Read more

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!( द्वात्रिंशत् अध्याय 🙂 : Niru Ashra

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!( द्वात्रिंशत् अध्याय 🙂 : Niru Ashra

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!( द्वात्रिंशत् अध्याय 🙂 गतांक से आगे – माँ ! उठो , माँ इस तरह मिथ्यात्व संसार को सत्य समझ कर शोक मत करो । निमाई ने जब देखा शचि देवि मूर्छित हो गयी हैं उन्हें पुत्र का सन्यास लेना अच्छा नही लग रहा ….किन्तु निमाई मान नही रहे …जब … Read more

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 39 !!-“कृष्णोहम्” – प्रेम में अद्वैतावस्था भाग 3 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 39 !!-“कृष्णोहम्” – प्रेम में अद्वैतावस्था भाग 3 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 39 !! “कृष्णोहम्” – प्रेम में अद्वैतावस्थाभाग 3 सब गोपियों दौड़ीं …………फूलों को चूमनें लगीं ………..फूलों को अपनें देह से लगानें लगीं ………इन फूलों को छूआ है हमारे कृष्ण नें । तुम्हे कैसे मालुम कि कृष्ण नें इन फूलों को छूआ होगा ? चन्द्रावली बैठी रही और पूछती जा रही थी । हाँ … Read more

અક્ષયતૃતીયા ( અખાત્રીજ ) નું મહત્વ શુ ? : Niru Ashra

અક્ષયતૃતીયા ( અખાત્રીજ ) નું મહત્વ શુ ? : Niru Ashra

🇦🇹👉 અક્ષયતૃતીયા ( અખાત્રીજ ) નું મહત્વ શુ છે..??વૈશાખ સુદ ત્રીજ અક્ષય તૃતીયા તરીકે ઓળખાય છે..||||.👉. ૧ અક્ષય તૃતીયા નાં દિવસેશ્રી આપણા વહાલા શ્રી મહાપ્રભુ વલ્લભા-ચાર્યજીએ શ્રી ગિરિરાજજી ઉપર શ્રીજીબાવાનું મંદિર સિદ્ધ કરાવી તેમાં શ્રીજીબાવાને પધરાવી સેવાક્રમ શરૂ કર્યો હતો.. .👉. ૨ અક્ષયતૃતીયાનાં શુભ દિવસે ભગવાન શ્રી કૃષ્ણે એક મુઠ્ઠી તાન્દુલના બદલામાં સુદામાને અખૂટ વૈભવ … Read more