!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 146 !!(2),महारास (दिव्य प्रेम का नृत्य) (124),: !! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !! & श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra
Niru Ashra: 🦚🌻🦚🌻🦚🌻🦚 !! “श्रीराधाचरितामृतम्” 146 !! वृन्दावनेश्वरी – श्रीराधाभाग 2 🍁🙏🍁🙏🍁🙏🍁 कैसा सपना था ? द्वारिकाधीश की रानियाँ……..रुक्मणी ! सुन्दर सुशील है रुक्मणी…….अपना श्यामसुन्दर तो अपना ही सम्भाल कर ले यही बहुत है……पर सपना अच्छा था । हाँ हाँ वो सब सपना था …………नही तो नित्य किशोर श्याम सुन्दर और उनकी मैं नित्य किशोरी … Read more