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August 30, 2025 5:34 pm

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 146 !!(3),!! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !!,महारास (दिव्य प्रेम का नृत्य) (125) & श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 146 !!(3),!! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !!,महारास (दिव्य प्रेम का नृत्य) (125) & श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

Niru Ashra: !! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !! ( “सिद्धान्त सुख” – 44 ) गतांक से आगे – ॥ दोहा ॥ रजधानी मानी मनहिं, बृन्दावन बिबि भूप।सुखदायक नायक सखी, सचिदानंद स्वरूप ॥ ॥ पद ॥ सखीरी सचिदानंद स्वरूप, सकल सुखदायक नायक भूप।श्रीबृन्दावन रजधानी मनमानी परम अनूप ॥आदि अनादि एकरस अद्भुत सदा सनातन रूप।श्रीहरिप्रिया सुधाकर दिनहिं विदारन … Read more