!!”श्रीराधाचरितामृतम्” 147 !!(2),: !! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !!,श्रीमद्भगवद्गीता &!! महारास (दिव्य प्रेम का नृत्य) (127) !! : Niru Ashra
Niru Ashra: !! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !! ( “सिद्धान्त सुख” – 46 ) गतांक से आगे – ॥ पद ॥ निर्गुन सगुन कहत जिहिं बेद ।निज इच्छा विसतारि बिबिधि बिधि, बहु अन बहौ दिखावत भेद ॥आप अलिप्त लिप्त लीला रचि, करत कोटि ब्रह्ममंड बिलास ।सुद्ध सत्व पर के परमेस्वर, जुगलकिसोर सकल सुखरास ॥अनंत सक्ति आधीस … Read more