!!”श्रीराधाचरितामृतम्” 153 !!(3), !! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !! & श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra
🙏🙏🌹🌹🙏🙏 !!”श्रीराधाचरितामृतम्” 153 !! “बृज की पुनर्स्थापना” – परीक्षित का प्रस्तावभाग 3 🙇♀️🙇♀️🙇♀️🙇♀️🙇♀️ पूर्णिमा की चाँदनी में गिरिराज जी अद्भुत लग रहे थे । बृज रज में अद्भुत चमक थी…….चाँदनी जब यमुना की रेत में पड़ती तो गौर और श्याम दो रज कण श्यामा श्याम ही लगते थे । उद्धव जी नें मंजीरा लिया था……….और … Read more