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February 21, 2025 6:21 pm

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(102-3),श्री भक्तमाल (100) तथा श्रीमद्भगवद्गीता नीरु आशरा

] Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..1️⃣0️⃣2️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 रामपाद-विनिवेशितेक्षणामङ्ग-कान्तिपरिभूत-हाटकाम्।ताटकारि-परुषोक्ति-विक्लवां भावये मनसि रामवल्लभाम्।। जब अपनें पिता को स्तुति करते हुये कुमार रावण नें देखा तब पूछा । “देवराज इन्द्र की” ऋषि विश्वश्रवा नें उत्तर दिया …..और ये भी कहा कि वत्स ! देवों की भी स्तुति हम … Read more