!!”श्रीराधाचरितामृतम्” 147 !!(3),!! निकुँजोपासना का सिद्धान्त !!,महारास (दिव्य प्रेम का नृत्य) (128)&श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra
Niru Ashra: 🌲☘️🌲☘️🌲☘️🌲 !!”श्रीराधाचरितामृतम्” 147 !! “श्रीदामा भैया” का महाभावभाग 3 🙇♀️🙇♀️🙇♀️🙇♀️🙇♀️🙇♀️ मैं ही हूँ अपराधी………अपनी बहन राधा का अपराधी ……..कन्हैया का अपराधी………इस वृन्दावन का अपराधी ………यहाँ के प्रत्येक जीव जन्तु का अपराधी….. डुबो दिया मैने इस सम्पूर्ण वृन्दावन को विरहकुण्ड में । श्रीदामा प्रेमोन्माद से भर जाते हैं । बैठक में जाता हूँ …….वहाँ … Read more