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August 29, 2025 11:32 pm

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(64-3),: श्रीकृष्णकर्णामृत – 108 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

[] Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी.6️⃣4️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱💥🌺🌹🌱💥🌺🌹🌾🌷 मैं वैदेही ! मन बुद्धि चित अह मिति बिसराई ….( रामचरितमानस ) 👇👇 भाभी माँ ! ये क्या हो गया ? शत्रुघ्न कुमार रो गए …………..और ऐसे रोये मेरे सामनें जैसे अभी तक वो सब दबा हुआ था … Read more

भारत में एक धर्मनिरपेक्ष शहर…दमन: सांस्कृतिक सद्भाव का एक धर्मनिरपेक्ष शहर: डॉ के सी सेठी

भारत में एक धर्मनिरपेक्ष शहर…दमन: सांस्कृतिक सद्भाव का एक धर्मनिरपेक्ष शहर:भारत के पश्चिमी तट पर स्थित एक छोटा, सुंदर तटीय शहर दमन, धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक सद्भाव की अदम्य भावना के लिए एक अद्भुत श्रद्धांजलि है। इतिहास में समृद्ध, संस्कृति में जीवंत, काफी शानदार परिदृश्य, इसने एक अनूठी पहचान बनाए रखी है जो पूर्ण सद्भाव में … Read more

डाकघर की लाडली योजना की गड़बड़ी से लोग परेशान : Aspi Damania

डाकघर की लाडली योजना की गड़बड़ी से लोग परेशान हैं। सोशल मीडिया से पैदा हुई गलतफहमियों के कारण केंद्र शासित प्रदेश और बाहर से आए लोगों को महाराष्ट्र सरकार की लाडली योजना का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।दमण नगरपालिका अध्यक्ष श्री अस्पी दमानिया एवं पोस्ट मास्टर श्री उमेश मह्यावंशी ने डाकघर आये लोगों … Read more

જીવનચરિત્ર કથા : ભાગ 353’થોમસ બેબિંગ્ટન મેકોલે’ (1800-1859) એક પ્રખ્યાત અંગ્રેજી કવિ, નિબંધકાર, ઇતિહાસકાર અને રાજકારણી હતા. આજે 25 ઓક્ટોબરે તેમનો જન્મદિવસ : मनोज आचार्य

જીવનચરિત્ર કથા : ભાગ 353‘થોમસ બેબિંગ્ટન મેકોલે’ (1800-1859) એક પ્રખ્યાત અંગ્રેજી કવિ, નિબંધકાર, ઇતિહાસકાર અને રાજકારણી હતા. આજે 25 ઓક્ટોબરે તેમનો જન્મદિવસ છે. એક નિબંધકાર અને વિવેચક તરીકે તેમણે બ્રિટિશ ઇતિહાસ પર વ્યાપકપણે લખ્યું હતું પરંતુ મેકોલે શિક્ષણ પદ્ધતિ ભારત માટે કેમ ખતરનાક પુરવાર થઇ? આવો જાણીએ સંપૂર્ણ ઇતિહાસશિક્ષણ કોઈપણ વ્યકિત, સમાજ કે દેશ માટે … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(64-2), श्रीकृष्णकर्णामृत – 107 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

Niru Ashra: श्रीकृष्णकर्णामृत – 107 “वाणी से कीर्तन, मन से चिन्तन” माधुर्येण विवर्धन्तां वाचो नस्तव वैभवे ।चापल्येन विवर्धन्तां चिन्ता नस्तव शैशवे ।105 । हे साधकों ! अब ये पावन ग्रन्थ “श्रीकृष्णकर्णामृत” पूर्ण होने की ओर अग्रसर है …..इसलिए यहाँ बिल्वमंगल को उनके नवल किशोर वरदान माँगने के लिए कहते हैं …………. हे बिल्वमंगल ! मैंने … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(64-1),श्रीकृष्णकर्णामृत – 106 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी.6️⃣4️⃣भाग 1 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱💥🌺🌹🌱💥🌺🌹🌾🌷 मैं वैदेही ! मन बुद्धि चित अह मिति बिसराई ….( रामचरितमानस ) 👇👇भरत ! बताओ ना पिता जी कैसे हैं ? माता कैकेई कैसी हैं ? तुम इस समय वन में क्यों हो ? तुमनें बल्कल भी धारण किये हैं , … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(63- 3),श्रीकृष्णकर्णामृत – 105 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

Niru Ashra: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 13 : प्रकृति, पुरुष तथा चेतना🌹🌹🌹🌹🌹🌹श्लोक 13.28🌹🌹🌹🌹🌹समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्र्वम् |विनश्यत्स्वविनश्यन्तं यः पश्यति स पश्यति || २८ || समम् – समभाव से; सर्वेषु – समस्त; भूतेषु – जीवों में; तिष्ठन्तम् – वास करते हुए; परम-ईश्र्वरम् – परमात्मा को; विनश्यत्सु – नाशवान; अविनश्यन्तम् – नाशरहित; यः – जो; पश्यति – देखता … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(63-2),श्रीकृष्णकर्णामृत – 104 तथा श्रीमद्भगवद्गीता: नीरू आशरा

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏श्रीकृष्णकर्णामृत – 104 मैंजनकनंदिनी..6️⃣3️⃣भाग 2 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 पाहि नाथ कहि पाहि गोसाँई…..📙( रामचरितमानस )📙🙏🙏👇🏼🙏🙏 मैं वैदेही ! भरत उठे थे ……और वृक्षों से गले लग कर रोनें लगे थे ………. ये वृक्ष भी भाग्यशाली हैं ना इस चित्रकूट के ? शत्रुघ्न ! ये वन , यहाँ … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 (63- 1), श्रीकृष्णकर्णामृत – 103 तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..6️⃣3️⃣भाग 1 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 पाहि नाथ कहि पाहि गोसाँई…..📙( रामचरितमानस )📙🙏🙏👇🏼🙏🙏 मैं वैदेही ! ना थ ! ! ! ! मैं चौंक गयी , मुझे आनन्द भी आया ….ये आवाज भरत भैया की थी । ना थ ! ! ! इस बार लक्ष्मण भी चौंकें … Read more