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August 30, 2025 11:38 am

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!-पंचचत्वारिंशत् अध्याय: Niru Ashra

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!-पंचचत्वारिंशत् अध्याय: Niru Ashra

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !! ( पंचचत्वारिंशत् अध्याय: ) गतांक से आगे – आचार्य चन्द्रशेखर आज शचि देवि के यहाँ आये हैं …..वो जगन्नाथ पुरी गये थे ….वैसे प्रत्येक वर्ष ये जाते ही हैं पुरी ….लालच ये कि श्रीजगन्नाथ भगवान के साथ साथ गौरांग देव के भी दर्शन हो जायेंगे …ये प्रत्येक वर्ष जाकर … Read more

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 44 !!-महारासभाग 1 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 44 !!-महारासभाग 1 : Niru Ashra

🙏🙏🙏🙏!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 44 !! महारासभाग 1 प्रिय सामनें हैं …….उनके आगे, उनके साथ ललित गति से नाचना । उनकी ओर देख- देखकर सहज भाव से मुस्कुराना …..प्रिय को प्रेम से निहारना …..उनको जरा भी इधर उधर मुड़ते देख रूठ जाना ……फिर मान जाना ….मान इसलिए जाना क्यों की अभी उन्होंने हाथ जोड़ लिए हैं हमें … Read more

उद्धव गोपी संवाद( भ्रमर गीत)७१ एवं ७२ : Niru Ashra

उद्धव गोपी संवाद( भ्रमर गीत)७१ एवं ७२ : Niru Ashra

उद्धव गोपी संवाद( भ्रमर गीत)७१ एवं ७२ करूनामई रसिकता है,तुम्हरी सब झूंठी।तब हीं लों कहौ लाख,जभी लौं बंध रही मूठी।।मैं जान्यौ ब्रज जाइकें,निरदै तुम्हारौ रूप।जो तुम्ह कों अवलंब ही,तिन्ह को मेलौ कूप।।– कौन यह धरम है?-भावार्थ:ऊधौ जी अब भगवान से कह रहे हैं कि तुम्हारी करूणा तुम्हारी दया,उन गोपियों के प्रति यह सब झूठ है। … Read more

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!-चतुश्र्चत्वारिंशत् अध्याय : Niru Ashra

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!-चतुश्र्चत्वारिंशत् अध्याय : Niru Ashra

!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !! ( चतुश्र्चत्वारिंशत् अध्याय : ) गतांक से आगे – हे सजनी ! बोल न , क्या प्रियतम आवेंगे ? डर लगता है इस विरह सागर को देखकर , कैसे पार करूँगी ! मुझे विश्वास नही होता दिन से मास ,मास से बरस बीत गए ….अब तो इस शरीर ने … Read more

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 43 !!-महाकाल का प्रेमरूप – “गोपेश्वर महादेव”भाग 3 : Niru Ashra

!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 43 !!-महाकाल का प्रेमरूप – “गोपेश्वर महादेव”भाग 3 : Niru Ashra

🙇‍♀️🙇‍♀️🙇‍♀️🙇‍♀️!! “श्रीराधाचरितामृतम्” 43 !! महाकाल का प्रेमरूप – “गोपेश्वर महादेव”भाग 3 हे वज्रनाभ ! महादेव के मुखारविन्द से ये सब सुनकर मुस्कुराते हुये इस सरोवर को दिखाया था ललिता सखी नें । महादेव ! इस सरोवर का नाम है “मान सरोवर”……नही नही …..ये आपका कैलाश वाला मान सरोवर नही है……..यहाँ एक दिन ब्रह्म की आल्हादिनी … Read more

व्रज – वैशाख शुक्ल चतुर्दशीThursday, 04 May 2023 : Niru Ashra

व्रज – वैशाख शुक्ल चतुर्दशीThursday, 04 May 2023 : Niru Ashra

व्रज – वैशाख शुक्ल चतुर्दशीThursday, 04 May 2023 अपनो जन प्रह्लाद उबार्यो ।कमला हरिजू के निकट न आवत ऐसो रूप हरि कबहूँ न धार्यो ।।१।।प्रह्लादै चुंबत अरु चाटत भक्त जानि कै क्रोध निवार्यो ।सूरदास’ बलि जाय दरस की भक्त विरोधी दैत्य निस्तार्यो ।।२।। नृसिंह जयंती नियम का केसर से रंगे मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक … Read more

જીવનચરિત્ર કથા : ભાગ 189 આયુર્વેદના પરમ ઉપાસક અને વઢવાણનાં વૈદ્યશ્રી પ્રજારામ નરોત્તમ રાવળ જન્મદિવસ : Manoj Acharya

જીવનચરિત્ર કથા : ભાગ 189 આયુર્વેદના પરમ ઉપાસક અને વઢવાણનાં વૈદ્યશ્રી પ્રજારામ નરોત્તમ રાવળ  જન્મદિવસ : Manoj Acharya

જીવનચરિત્ર કથા : ભાગ 189આયુર્વેદના પરમ ઉપાસક અને વઢવાણનાં વૈદ્યશ્રી પ્રજારામ નરોત્તમ રાવળ (1917-1991) નો આજે જન્મદિવસ છે.એમનો જન્મ વઢવાણ ખાતે ૩ મે, ૧૯૧૭ના દિવસે થયો હતો. અહીં જ દાજીરાજ હાઇસ્કુલમાં પ્રાથમિક તથા માધ્યમિક શિક્ષણ પૂર્ણ કર્યું હતું. તેઓ મેટ્રિક થયા બાદ ઈ. સ. ૧૯૪૧માં પાટણની આયુર્વેદિક કૉલેજમાંથી સ્નાતક થયા. ઈ. સ. ૧૯૫૪થી ઈ. સ. … Read more

ધાર્મિક કથા : ભાગ 188માતા સીતાનો જન્મ ત્રેતાયુગમાં : Manoj Acharya

ધાર્મિક કથા : ભાગ 188માતા સીતાનો જન્મ ત્રેતાયુગમાં : Manoj Acharya

ધાર્મિક કથા : ભાગ 188માતા સીતાનો જન્મ ત્રેતાયુગમાં વૈશાખ માસના શુક્લ પક્ષની નવમી તારીખે પૃથ્વીની પુત્રી તરીકે થયો હતો. મા સીતા સંપત્તિ અને સમૃદ્ધિની દેવી છે. તેથી જ આ દિવસને સીતા નવમી કહેવામાં આવે છે.જનક નંદિની માતા જાનકી તો ભારતીય સતીત્ત્વ કે નારીતાનું પ્રેરક અને જીવંત પ્રતીક છે. સીતા તો જાતે સંતાપ સહન કરીને, અનેક … Read more

उद्धव गोपी संवाद( भ्रमर गीत) ६७ एवं ६८ : Niru Ashra

उद्धव गोपी संवाद( भ्रमर गीत) ६७ एवं ६८ : Niru Ashra

उद्धव गोपी संवाद( भ्रमर गीत)६७ एवं ६८ कै ह्वैं रहौं द्रुम -गुल्म,-लता,बेली बन माहीं।आवत जात सुभाइ,परै मो पै परछाहीं।।सोऊ मेरे बस नहीं,जो कछु करों उपाई।मोहन होहिं प्रसन्न जो,यै वर मांगो जाईं।।– कृपा करि देहिं जो –भावार्थ:ऊधौ जी ब्रज गोपियों का कृष्ण के प्रति अनन्य भाव भक्ति,अनन्य प्रेम देखकर, स्वयं भी भाव विभोर हो गए हैं … Read more