!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !!-त्रिचत्वारिंशत् अध्याय : Niru Ashra
!! परम वियोगिनी – श्रीविष्णुप्रिया !! ( त्रिचत्वारिंशत् अध्याय : ) गतांक से आगे – कान्चना! देख ….मेरी सासु माँ आईं हैं ……… विष्णुप्रिया के ऐसा कहने पर कान्चना द्वार पर गयी किन्तु शचि देवि नही आईं थीं । आज तीन दिन दो गये माँ अभी तक नही आईं ……विष्णुप्रिया उठ कर बैठ गयी है … Read more