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August 30, 2025 2:04 am

श्रीसीताराम शरणम् मम(100-4) , श्री भक्तमाल (095) तथाश्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

[] Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..1️⃣0️⃣1️⃣भाग 1 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 नीलनीरज-दलायतेक्षणां लक्ष्मणाग्रज-भुजावलम्बिनीम्।शुद्धिमिद्धदहने प्रदित्सतीं भावये मनसि रामवल्लभाम्। नील कमल-दल के सदृश जिनके नेत्र हैं, जिन्हें श्रीराम की भुजा का ही अवलंबन है, जो प्रज्वलित अग्नि में अपनी पवित्रता की परीक्षा देना चाहती हैं, उन रामप्रिया श्रीसीता माता का मैं … Read more

श्रीसीताराम शरणम् मम(100-3) होरी खेलत हैं गिरधारी।, श्री भक्तमाल (094) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..1️⃣0️⃣0️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 नमामि विश्वजननीं रामचन्द्रेष्टवल्लभाम् ।सीतां सर्वानवद्याङ्गीं भजामि सततं हृदा ॥ ८॥ ब्रह्मा के अनेक पुत्रों में एक पुत्र ऋषि पुलस्त्य भी थे ………. वत्स ! सृष्टि को आगे बढ़ाओ ! ……विधाता को शायद और कुछ कहना आता ही नही…….उनको सृष्टि … Read more

श्रीसीताराम शरणम् मम(100-2) कीर्तन – अष्टपदी (राग : बसंत), श्री भक्तमाल (093) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..1️⃣0️⃣0️⃣भाग 2 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 नमामि विश्वजननीं रामचन्द्रेष्टवल्लभाम् ।सीतां सर्वानवद्याङ्गीं भजामि सततं हृदा ॥ ८॥ हँसी त्रिजटा ………आना ही पड़ेगा …….नही आयेंगें तो फिर अपना मस्तक काटना शुरू कर देता है ये रावण ………..। और विधाता ब्रह्मा …? मैने विधाता के बारे में पूछा … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(100–1)बसंतोत्सव, श्री भक्तमाल (092) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : नीरु आशरा

Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..1️⃣0️⃣0️⃣भाग 1 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 नमामि विश्वजननीं रामचन्द्रेष्टवल्लभाम् ।सीतां सर्वानवद्याङ्गीं भजामि सततं हृदा ॥ ८॥ हे जनक नंदिनी…..आप श्रीरघुनन्दन की आह्लादमयी शक्ति हैं, कल्याणमयी सिद्धि हैं और भगवान् शिवकी अर्द्धांगिनी कल्याणकारिणी सती हैं । श्रीरामचन्द्रजी की परम प्रियतमा जगदम्बा जानकी को मैं प्रणाम करता … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(99-3),गिरधरलाल की बानिक ऊपर आज सखी तृण टूटेरी ,श्री भक्तमाल (091) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

] Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..9️⃣9️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 पद्मालयां पद्महस्तां विष्णुवक्षस्थलालयाम् ।नमामि चन्द्रनिलयां सीतां चन्द्रनिभाननाम् ॥ ७॥ कौन करेगी बल प्रयोग ? दो सभ्य नारी आगे आयीं …….। क्या नाम है तुम्हारा ? मेरे ऊपर स्नेह बरसाती हुयी बोलीं थीं । सीता ! मै रघुकुल नन्दन … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(99-2), : श्री भक्तमाल (090) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏⁷ मैंजनकनंदिनी..9️⃣9️⃣भाग 2 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)श्रीमद्भगवद्गीता🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 पद्मालयां पद्महस्तां विष्णुवक्षस्थलालयाम् ।नमामि चन्द्रनिलयां सीतां चन्द्रनिभाननाम् ॥ ७॥ ये है मेरी लंका ………देखो ! सुन्दरी ! ये है स्वर्णमयी मेरी लंका । उसनें ऊपर से ही मुझे बताया ………पर मैं क्यों देखनें लगी उसकी लंका को ………..मै बस … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(98–3), श्री भक्तमाल (088) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰 मैंजनकनंदिनी..9️⃣8️⃣भाग 3 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 नमामि चन्द्रभगिनीं सीतां सर्वाङ्गसुन्दरीम् ।नमामि धर्मनिलयां करुणां वेदमातरम् ॥ ६॥ रावण सोच ही रहा था कि जटायू जी रावण के सामनें खड़े हो गए थे ……इतना विशाल पक्षी !………रावण का रथ रुक गया था ……… रावण चिल्लाया …………..सारथि रथ … Read more

🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏(98–2), श्री भक्तमाल (087) तथा श्रीमद्भगवद्गीता : Niru Ashra

] Niru Ashra: 🙏🥰 श्रीसीताराम शरणम् मम 🥰🙏 मैंजनकनंदिनी..9️⃣8️⃣भाग 2 ( माता सीता के व्यथा की आत्मकथा)🌱🌻🌺🌹🌱🌻🌺🌹🥀💐 नमामि चन्द्रभगिनीं सीतां सर्वाङ्गसुन्दरीम् ।नमामि धर्मनिलयां करुणां वेदमातरम् ॥ ६॥ मैं कातर स्वर से अंजलि बाँधे प्रार्थना करनें लगी थी समस्त से…….. हे वनराज ! हे वनदेवी ! हे वृक्षों ! हे देवी गोदावरी ! मेरे स्वामी श्रीराम … Read more